शनिवार, 8 अक्टूबर 2022

तुम मेरी....📌

तुम मेरी आंखों में देख कर बता सकती हो,
कि तन्हाई कितनी गहरी है!
उदासी का पैरामीटर क्या है?
एक दर्द का त'ईन मुमकिन है?
एक मुस्कुराहट के लिए कितने जतन करने होंगे?
किसी की यादों से छुटकारा पाने के लिए कौन सा नशा काफ़ी है?
क्या तुम मेरी आंखों में देख कर अंदाज़ा लगा सकती हो, कि हम कितनी बार मर सकते हैं? मौत कितनी बार आ सकती है....!🥺😥

~वाहियात फिलोसॉफर

अनकहे जज़्बात📌

मेंने अपने गुस्से के साथ एक लंबा अरसा बिताया,
और फिर काफी पुख्ता दोस्ती होने के बाद एक उसने मुझे बताया कि.....
इस का असल नाम दुख है....!🥺😥

~वाहियात फिलोसॉफर

तुम्हारे बाद📚

तुम्हारे बाद किसी कम सुख्न ने वहशत में, बुझा के सारे दिए आइनों से बातें की....
पलटने वाले से ये पूछना नहीं बनता, कहां गुजारे मेरे दिन, कहां पे रातें की....!🥺😥

~वाहियात शायर

सोमवार, 26 सितंबर 2022

एक दिन....!🥰

तुर्की के मोहर (Samp) लगे पासपोर्ट में, एक मेरे और रियाज़ नाम के पासपोर्ट की कमीं है।
एक दिन हम तुर्की ज़रूर जाएंगे!
तब वहां की फिज़ाओं में, बस मोहब्बत की महक होगी!
उस दिन नीली मस्जिद के सारे कबूतर ख़ुशी से रक्स करेंगे।
और तुर्की के सारे गुलदस्ते (Tulip's) ख़ुशी से खिल उठेंगे। और उस दिन वहां के बगुलों की ख़ुशी देखने लायक होगी।
वहां का हर ज़र्रा हमारा इस्तेकबाल (Welcome) करेगा।❤️😍

ऐ मोहब्बतों के शहर!
एक दिन तुम मेरी उल्फत (Love; The attitude that inspires someone to always be with or near him, considering him very good) से वाक़िफ हो जाओगे।
एक दिन हम ज़रूर आएंगे!👩🏻‍❤️‍👨🏻
तुर्की की सरजमीं पर अपने नक्श छोड़ने।
बस उस दिन का इंतज़ार है ज़िन्दगी....!🥺

~वाहियात फिलोसॉफर 

शनिवार, 24 सितंबर 2022

हो सकता है.....

हो सकता है!
तुम उसकी पहली, या फिर आख़री मोहब्बत ना हो,
ये भी हो सकता है कि, तुम उसकी इकलौती मोहब्बत ना हो,

ये भी तो हो सकता है, 
तुमसे पहले भी उसने, मोहब्बत की हो किसी से,
या उसको एक बार फिर, मोहब्बत हो जाए किसी से,

लेकिन गर् उसको आज मोहब्बत है तुमसे, तो फिर आज क्या चाहती हो तुम!
हो सकता है वो कामिल ना हो, लेकिन तुम भी कामिल कब हो,

हो सकता है तुम दोनों मिलकर भी कामिल ना बन पाओ कभी, 
लेकिन, गर् वो तुम्हारे होंठों पर हंसी ला सकता है, और जीने का गर् तुम्हें सिखला सकता है, और इंसानियत का अहसास तुम्हें दिला सकता है, और अपनी खामियों के बावजूद भी तुम्हारे संग चलने अहदे वफ़ा करता है....
फ़िर थम लो तुम हाथ उसका,
और जी भर के दो तुम, साथ उसका....!

हो सकता है वो हर लम्हा, तुम्हारे बारे में ना सोचता हो,
लेकिन फिर भी....
अपने दिल का एक हिस्सा गर् वो तुमको दे देता है, ये जानते हुए भी कि 
तुम उसको एक दिन तोड डालोगी....
अपने कदमों तले उसे रोंद डालोगी....!!

लेकिन तुम कुछ ऐसा करना कि.....
उसके दिल को तोड़ना मत
साथ उसका कभी तुम छोड़ना मत
अपना जो कुछ वो तुमको दे
उससे ज्यादा कुछ मांगना मत!!

मुस्कुरा दो!
जब खुशियां तुम पर बरसाए वो, बेशक बता दो जब तुम्हें बेज़ार करे वो

लेकिन अगर....
उससे अकीदत है तुमको, 
थोड़ी सी भी मोहब्बत है तुमको!

तो जिंदगी के अगर कभी, वो बिछड़ भी जाए तुमसे, उसको सदा याद रखना तुम....
और उसकी हंसी यादों को, दिल में अपने आबाद रखना तुम....!📚💐

~वाहियात फिलोसॉफर 

शुक्रवार, 23 सितंबर 2022

Invitation Graduational Ceremony 👨🏻‍🎓💐

Dear Mohammad Aashir Hussain
University Roll no. 1901****0091

Examination Roll No- 19******6971,

Sol registration- 19-1-16-054398

Username- @jamsheedariyaaz
Selected college on ceremony- Swami shraddhanad college (University of Delhi-110006)
Your Ceremony I'd-6973
Kindly follow the guidelines implemented by the university and enjoy the graduation ceremony.
You are invited to the Graduate Ceremony at University of Delhi.

Keeping in view the performance of your better exam results, invites you and the successful candidates in the final year examination of the year 2022.

University of Delhi Many many congratulations to all of you on behalf of the annual examination result and also best wishes for your good and golden future.

Hope you will imagine a better future after graduation from University of Delhi international Admissions
You have graced the college and university with good results.

We hope that you will achieve success with such hard work and dedication.
Delhi University Invitation to graduation ceremony will be sent to you by email, fax, or post.

Greetings to the graduation ceremony of the year 2022 and Delhi University wishes you all the best for your bright future.

~ Delhi University

बुधवार, 21 सितंबर 2022

ये कैसा.....

ये कैसा जुर्म-ऐ-उल्फत है!
अनाएं छोड़ भी जाएं तो, पछतावों के काले नाग हमको मार देते हैं!
लहू में ज़हर बनकर वेहशतें यूं दौड़ करती हैं कि सांसों का तसलसुल/उतार-चढ़ाव तो नहीं रहता! 
मेरा पीछे, बहुत पीछे किसी लम्हे की चोखट पर, 
हम अपनी ख्वाहिशों के दाम में आकर,
सभी जीवन की पूंजी वार देते हैं!
सभी कुछ हार देते हैं....!📚💐

~वाहियात फिलोसॉफर 

रोना आया मोहब्बत पर....🥺🥺

उसकी सब बातें सुनकर जब अहसास हुआ कि उसको जाना ही है तो रोना आया मोहब्बत पर, हंसी आयी ख़ुद पर, रंज हुआ उसकी मजबूरियों पर, अफ़सोस हुआ अपने आप ...