मंगलवार, 6 दिसंबर 2022

रोना आया मोहब्बत पर....🥺🥺

उसकी सब बातें सुनकर जब अहसास हुआ कि उसको जाना ही है तो रोना आया मोहब्बत पर, हंसी आयी ख़ुद पर, रंज हुआ उसकी मजबूरियों पर,
अफ़सोस हुआ अपने आप पर....!🥺🤕
~Philosopher 🔥

शुक्रवार, 2 दिसंबर 2022

मुझे ऐसी दूरी की आदत नहीं थी!🥺😔

मुझे ऐसी दूरी की आदत नहीं थी!
कि जो जिंदगी की रगों से, जवां खून की आख़री बूंद तक खींच ले, जिस्म का खेत बंजर कर कर दे....

इस लिए जब से तू उस सफ़र पर गई,
मेने आईना देखा नहीं, 
सारी दुनिया से और आसमान तक से पर्दा किया,
मेंने सर्दी में धूप और गर्मी में साये की परवाह न की,
जिंदगी को ना समझा कभी, जिंदगी आदतन सांस ली....

भूख़ तो मर् गई थी, जुदाई की पहली ही सा'अत में लेकिन अभी प्यास बाकी है,
और ऐसी ज़ालिम कि मेरे बदन पर बबूल उग रहे हैं,
जुबां पर भी कांटे पड़े हैं....
मुझे ऐसी दूरी की आदत नहीं है....
कि को मौत और ज़िन्दगी में कोई फ़र्क ना रहने दे,
फ़िर भी यह जान ले कि....
गर् जो मुझे चश्मे आब-ऐ-हयात भी मिल जाए, एक बूंद भी,
तेरे बिना मुझ पर जायज़ नहीं....!😔🤕

~फिलॉस्फर 💐

मंगलवार, 11 अक्टूबर 2022

शायरी संग्रह 📚

बाद तेरे किसी का मेने ध्यान नहीं रखा, किसी की इज्ज़त नहीं की मान नहीं रखा....
यूं तो रहे दस्तरस में बहुत अज़ीज़ लोग भी, मगर तेरे बाद किसी का नाम जान नहीं रखा....!🥺🤕


~वाहियात फिलोसॉफर

सोमवार, 10 अक्टूबर 2022

में कहानियों....

में कहानियों, नॉविलों में अधूरे रह जाने वाले किरदारों पर बेतहाशा रोने वाला लड़का, ख़ुद भी अपनी ज़िन्दगी के एक मोड़ पर चुप-चाप मर जाऊंगा....!🥺😥

~वाहियात फिलोसॉफर 

शायरी संग्रह 📚

हस्ती मेरी, लोगों को गवारा नहीं, लेकिन एक आंख का तारा हूं ज़रा सोच के मिलना....
क़ुरआन ने मेरे बारे में "वल असर (val-Asr)" पुकारा, यानी में खसारा हूं, ज़रा सोच के मिलना....!🥺😔

~वाहियात फिलोसॉफर 

मेंने तुम्हें📌

मेंने तुम्हें खोने के डर से ज़िन्दगी को कभी आसान नहीं होने दिया....
में नहीं चाहता कि अगर कभी हम जुदा हो जाएं तो में आसान ज़िन्दगी गुजारते हुए हर रोज़ तुम्हारी यादों के हाथों तबाह होता रहूं!
में हमेशा ज़िन्दगी से उलझता रहना चाहता हूं ताकि तुम्हारा दर्द मुझसे मेरा वजूद ना छीन सके!
मगर.....!🥺😥

~वाहियात फिलोसॉफर 

शनिवार, 8 अक्टूबर 2022

अनकहे जज़्बात 📚

सूखे पत्तों पे लिखी मोहब्बत की वो दास्तान जिसका कोई अंजाम नहीं,
जो दिलों मदफून है,
जिसका बोझ उठाए मारे-मारे फिरते हैं,
इस आस पे कि शायद इस दास्तान का दूसरा हिस्सा मिल जाए, और कहानी मुकम्मल हो जाए....!🥀🖤

~वाहियात फिलोसॉफर

रोना आया मोहब्बत पर....🥺🥺

उसकी सब बातें सुनकर जब अहसास हुआ कि उसको जाना ही है तो रोना आया मोहब्बत पर, हंसी आयी ख़ुद पर, रंज हुआ उसकी मजबूरियों पर, अफ़सोस हुआ अपने आप ...