शनिवार, 17 सितंबर 2022

~वाहियात शायर💐

मुझे क्यों जान से ज्यादा पसंद है ये धुवां-धुवां सा मौसम, ये हिज़्र भरी शामें मुझे पसंद हैं तो क्यूं है....

में उजड़ के भी हूं तेरा, तू बिछड़ के भी है मेरा, ये यकीन है तो क्यूं है, ये ख्याल है तो क्यूं है....!🥀🖤

~वाहियात शायर💐

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