मोहब्बत में किसी को अपनी आदत डालकर यूं छोड़ देने पर, अचानक से ता'अल्लुक तोड देने पर....
यहां कानून, काज़ी और अदालत कुछ नहीं कहते! मगर....
ये कत्ल होता है!
उसे कहना मेरे क़ातिल!
जुदाई की कुदालों से जो तुमने क़ब्र खो दी थी, वहां में ख़ाक के नीचे अभी तक सो नहीं पाया....
ये ऐसा दाग है जिसकी अभी तक धो नहीं पाया....!!
उसे कहना....!
अगर वो लौट कर वापिस कभी आएं!
तो मेरी ख़ाक के ज़र्रों पे ये अहसान करना....
दोबारा फ़िर किसी इंसान की,
हंसती दुनिया को ने वीरान करना....!!
उसे कहना.....!
वफ़ा के सर को कभी पत्थर से फोड़ा नहीं करते...
मोहब्बत डालकर दिल में, उसे तोड़ा नहीं करते....
किसी का हाथ थामो तो, उसे छोड़ा नहीं करते....!!😔😞
~वाहियात फिलोसॉफर
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