मंगलवार, 20 सितंबर 2022

वाहियात फिलॉस्फी

जानता हूं कि, 
बहुत मशरूफ (Busy) हूं में आजकल!
और इन दिनों कुर्बत/नजदीकी (Nearness) बिल्कुल भी मुमकिन नहीं, लेकिन जब तुम मेरा लम्स खोने लगो!✨
मेरी आवाज़ का ज़ायका/स्वाद भूल जाओ!
तुम्हारे दिल की धड़कनें मेरे नाम पर तेज़ होना छोड़ दें!
और तुम्हारे हफ्ज़े (Memory) में मेरी मोहब्बत गायब होने लगे, तो जुदाई के जीतने से पहले....
मुझे एक बार आवाज़ दे लेना! 
में तुम्हारे पास लोट आऊंगा!
में यूं तुम्हारी तरफ़ आऊंगा, जैसे पानी ढलान से नीचे आता है।😍
हम ढेर सारी बातें करेंगे! 
और मेने तुम्हारे लिए एक फ़ूल ख़रीद रखा है! जिसे तुम्हारे बालों में सजाना है....!💐🥰

~वाहियात फिलोसॉफर

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