गुरुवार, 15 सितंबर 2022

तुम्हें पता है!

तुम्हें खबर है!
बस तुम्हारे मुंह से अदा हुए लफ़्ज़ मायने रखते हैं,
बाक़ी आवाज़ों को तो में शोर समझता हूं....!💐🥰

~वाहियात फिलोसॉफर

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