शनिवार, 8 अक्टूबर 2022

अनकहे जज़्बात 📚

सूखे पत्तों पे लिखी मोहब्बत की वो दास्तान जिसका कोई अंजाम नहीं,
जो दिलों मदफून है,
जिसका बोझ उठाए मारे-मारे फिरते हैं,
इस आस पे कि शायद इस दास्तान का दूसरा हिस्सा मिल जाए, और कहानी मुकम्मल हो जाए....!🥀🖤

~वाहियात फिलोसॉफर

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